Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤® करने के बाद शहद (Honey) जहरीला हो जाता है? नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ से जानें सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ
शहद को 35 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तापमान में गरà¥à¤® नहीं करना चाहिà¤à¥¤ इससे गरà¥à¤® करने पर शहद की पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ता कम हो जाती है।
शहद सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठलाà¤à¤•ारी होता है। यह कई रोगों में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• है। सदियों से शहद का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— खाने और दवाओं दोनों में किया जा रहा है। यह तà¥à¤µà¤šà¤¾, खांसी, जà¥à¤•ाम, बà¥à¤–ार, साइनस आदि से लेकर लेकर शरीर के कई रोगों के निदान में लाà¤à¤•ारी है। शहद में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, कॉपर, फोसफोरस, जिंक, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फाइबर आदि गà¥à¤£ होते हैं। यह रिफाइनà¥à¤¡ शà¥à¤—र का अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है। वजन कम करने के लिठलोग शà¥à¤—र की जगह पर खाने में शहद का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करते हैं। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि गरà¥à¤® शहद का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना सेहत के लिठसही है या नहीं। कà¥à¤¯à¤¾ शहद गरà¥à¤® करने से जहरीला हो जाता है, इन सà¤à¥€ सवालों के जवाब दिठनमामी लाइफ में नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ शैली तोमर ने।
कà¥à¤¯à¤¾ है सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ?
शहद गरà¥à¤® करने पर जहरीला होता है या नहीं, इस सवाल के जवाब में नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ शैली तोमर का कहना है कि शहद को गरà¥à¤® करने से वह जहरीला नहीं होता है, लेकिन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तापमान पर गरà¥à¤® करने से इसकी नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨à¤² वैलà¥à¤¯à¥ कम हो जाती है और अगर इसे लंबे समय तक पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में लाया जाठतो यह सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठहानिकारक à¤à¥€ हो सकता है।
शहद गरà¥à¤® करने पर निकलते हैं हानिकारक कैमिकल
शैली तोमर ने बताया कि शहद को अगर अधिक तापमान पर गरà¥à¤® किया जाठतो इसके विटामिन और मिनरल कम होने लगते हैं। नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ ने कà¥à¤› शोधों का हवाला देते हà¥à¤ कहा कि शोधों में निकल कर आया है कि शहद को गरà¥à¤® करने से 5 हाइडà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤¸à¥€à¤®à¥‡à¤¥à¤¾à¤‡à¤² फरफरल ((HMF)) कैमिकल का पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ बढ़ जाता है।
कौन सा तापमान है खतरनाक?
शहद को गरà¥à¤® करने के तापमान को लेकर नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ का कहना है कि अगर शहद को रोजाना 10 घंटे तक 70 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ पर गरà¥à¤® किया जाठतो à¤à¤šà¤à¤®à¤à¤« का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है या फिर 50 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ पर 10 दिन रोजाना गरà¥à¤® किया जाà¤, तब à¤à¥€ यह हानिकारक होता है। इतने अधिक तापमान पर शहद घर में गरà¥à¤® नहीं होता है। कचà¥à¤šà¥‡ शहद में à¤à¤šà¤à¤®à¤à¤« 5 mg per kg से कम होता है। अगर शहद में 5 हाइडà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤¸à¥€à¤®à¥‡à¤¥à¤¾à¤‡à¤² फरफरल 80 mg/kg से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है तो यह उपयोग में नहीं लाना चाहिà¤à¥¤
कम हो जातें हैं पोषक ततà¥à¤¤à¥à¤µ
नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ शैली तोमर का कहना कि कचà¥à¤šà¥‡ शहद में विटामिन, मिनरल, à¤à¤‚जाइमà¥à¤¸, à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸, à¤à¤®à¤¿à¤¨ à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥à¤¸, फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‰à¤¨à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸ आदि गà¥à¤£ होते है, लेकिन जैसे ही हम शहद को अधिक गरà¥à¤® चीजों के साथ उपयोग में लाते हैं, तो इसके पोषक ततà¥à¤¤à¥à¤µ कम हो जाते हैं। शहद के लाठनहीं मिल पाते। हाई टेंपरेचर पर शहद को गरà¥à¤® करने से शहद में शामिल शà¥à¤—र कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥€ है। जिसका मतलब है कि उसके पोषक ततà¥à¤¤à¥à¤µ कम होने जाते हैं।
शहद किस तापमान पर करें गरà¥à¤®?
इस सवाल के जवाब में नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ शैली तोमर का कहना है कि अगर आप शहद को गरà¥à¤® कर रहे हैं तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि 35 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तापमान पर शहद को गरà¥à¤® न करें। साथ ही धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि लंबे समय तक शहद को गरà¥à¤® न करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे इसके नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤à¤‚टà¥à¤¸ कम होने लगते हैं। अगर जरूरत हो तो कम आंच पर शहद को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ गरà¥à¤® करें। मधà¥à¤®à¤•à¥à¤–ी के छतà¥à¤¤à¥‡ का तापमान à¤à¥€ 35 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ होता है। इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तापमान में शहद को गरà¥à¤® करने पर वह जहरीला हो सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ कहता है आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦?
नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ शैली तोमर ने आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ का हवाला देते हà¥à¤ बताया कि आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में à¤à¥€ शहद को जहरीला बताया गया है। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में कई à¤à¤¸à¥€ रेसिपिज जैसे melomakarona (honey dipped cookies) आदि में गरà¥à¤® शहद का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है। लेकिन फिर à¤à¥€ शहद जहरीला नहीं होता है, बलà¥à¤•ि उसके पोषक ततà¥à¤¤à¥à¤µ कम हो जाते हैं। इसलिठकहा जा सकता है कि शहद के साथ खाना पकाने पर वह जहरीला नहीं होगा, बलà¥à¤•ि नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨ कम होंगे।
सौ फीसद कचà¥à¤šà¤¾ शहद उपयोग में न लाà¤à¤‚
नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ का मानना है कि कà¤à¥€ à¤à¥€ 100 फीसद कचà¥à¤šà¥‡ शहद का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— न करे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ हो सकता है। हमारे घरों में पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में लाया जाने वाला शहद पाशà¥à¤šà¥à¤°à¥€à¤•रण पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (pasteurization) से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है। इसे उपयोग करने से नà¥à¤•सान नहीं होता है। रोजाना 1 चमà¥à¤®à¤š खाने से सेहत को à¤à¤°à¤ªà¥‚र फायदे मिलते हैं।
शहद को उपयोग में लाने का सही तरीका कà¥à¤¯à¤¾ है?
इस सवाल के जवाब में शैली तोमर का कहना कि शहद को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ करके पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना ही सबसे सही तरीका है। शहद को बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® पानी में या दूध में न डालें। बलà¥à¤•ि गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में डालें। इस तरह शहद को उपयोग में लाने से शरीर को निमà¥à¤¨ फायदे होते हैं-
वजन नियंतà¥à¤°à¤£
शहद को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी, चाय या दूध में पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने से वजन नियंतà¥à¤°à¤£ होता है। शहद खाने से मेटाबॉलिजà¥à¤® बढ़ता है। जिस वजह से बढ़ता वजन नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होता है। कई लोग सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में शहद और नींबू डालकर पीते हैं। यह वजन कम करने का सबसे सही तरीका है। बिलà¥à¤•à¥à¤² कचà¥à¤šà¤¾ शहद à¤à¥€ नà¥à¤•सानदायक होता है, इसलिठइसे गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥€ चीजो के साथ सेवन करें।
इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बूसà¥à¤Ÿà¤°
शहद à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बूसà¥à¤Ÿà¤° है। रोजाना à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद खाने से शरीर ठीक रहता है। शरीर बीमारियों से दूर रहता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शहद में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ पाठजाते हैं जो इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बूसà¥à¤Ÿ करते हैं। शहद में à¤à¤¸à¥‡ à¤à¤‚जाइमà¥à¤¸ पाठजाते हैं जो इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बूसà¥à¤Ÿ करने का काम करते हैं।
गले की खराश करे ठीक
शहद का सेवन करने से गले की खराश ठीक होती है। सदियों से शहद का सेवन का बीमारियों के ठीक करने के लिठकिया जाता है। शहद में पाठजाने phytonutrients की वजह से गले की खराश ठीक हो जाती है। शहद को अदरक के साथ चाटने से जलà¥à¤¦à¥€ आराम मिलता है।
खांसी में फायदेमंद
शहद में à¤à¤‚टीवायरल और à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥€à¤œ होती हैं। जिस वजह से खांसी की परेशानी होने पर इसका सेवन करने से खांसी ठीक हो जाती है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खांसी में शहद अधिक लाà¤à¤•ारी है। शहद को थोड़ी सी अदरक के साथ चाटने से खांसी में जलà¥à¤¦à¥€ आराम मिलता है। शहद चीनी का à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है। यह चीनी से जà¥à¤¯à¤¾à¤¾à¤¦ बेहतर है। चीनी के सेवन से शà¥à¤—र की परेशानी बढ़ती है, जबकि शहद फायदेमंद है।
पाचन तंतà¥à¤° को रखे दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤
शहद के सेवन से पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ठीक रहती है। शहद पà¥à¤°à¥€à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• होता है और इससे पाचन तंतà¥à¤° में अचà¥à¤›à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है, जिससे पाचन तंतà¥à¤° ठीक रहता है।
शहद को 35 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तापमान में गरà¥à¤® नहीं करना चाहिà¤à¥¤ इससे गरà¥à¤® करने पर शहद की पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ता कम हो जाती है। इसे गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥€ चीजों के साथ उपयोग में लाया जा सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |